इम्फाल एयरपोर्ट पर UFO देखे जाने के बाद हाई अलर्ट- क्या है सच्चाई!!

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सुरक्षा में तैनात CISF जवानों द्वारा रविवार 19 नवम्वर को इम्फ़ाल एयरपोर्ट पर उडनतस्तरी (UFO) देखे जाने की बात सामने आई जिसे जवानों ने तुरंत अपने अधिकारियो से साझा किया, क्योकि सूचना जवानो द्वारा दी गयी थी जिसे मद्दे-नजर रखते हुए एयरपोर्ट से सभी नागरिक विमानों की आवाजाही तत्काल प्रभाव से रोक दी गई और इसकी सूचना अधिकारियों द्वारा इंडियन एयरफ़ोर्स (IAF) को दी गई, सूचना मिलने के साथ ही मामले की संगीनता को देखते हुए भारतीय वायुसेना (Indian Airforce) ने अपने राफेल फाइटर जेट्स को उस उड़नतस्तरी (UFO) की खोज में लगा दिया, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक रडार में कोई भी अंजान विमान नहीं आया

कौन हो सकता है इसके पीछे?

UFO होने की बात में कितनी सच्चाई है इस बात का कोई सबूत नही है लेकिन जैसा की खबर एयरपोर्ट की सुरक्षा में कार्यरत CISF के जवानों द्वारा दी गई है तो हम इस खबर को दरकिनार नहीं कर सकते क्योंकि ये मामला हमारे देश की राष्ट्रीय सुरक्षा और खुफ़िआ जानकारी से भी जुड़ा हो सकता है जिससे आगे भविष्य में भारत के लिए कोई नया खतरा पैदा हो सकता है

चीन की हो सकती है साजिश !

अगर UFO की बात से इतर सोच कर देखें तो हमारे पड़ोसी देश चीन पर कई बार जासूसी के आरोप लगे हैं, हाल ही में अमेरिका ने आरोप लगाए है की उनके खुफ़िआ स्थानो के ऊपर उन्हें एक गुब्बारेनुमा चीज़ दिखायी दी जिसे अमेरिकी सेना द्वारा हवाई इलाके में आते ही गिरा दिया गया अमेरिकी विदेश मंत्रालय के मुताबिक उस पर सिग्नल डिवाइस और कई एंटीना लगे हुए थे जो खुफ़िआ जानकारी इकठ्ठा करने में काम आते हैं, इस घटना के बाद चीन और अमेरिका के बीच आर्थिक साझेदारी पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ा

जापान और ताइवान में भी देखी जा चुकी है ऐसी चीजें

हाल के कुछ वर्षों में जापान और ताइवान के तटीय क्षेत्रो में ऐसी ही अंजान चीजों को आकाश में महसूस किया गया था, उन घटनाओं से भी चीन के जासूसी गुब्बारों को जोड़ कर देखा गया था जो उनकी खुफ़िआ जानकारी जुटाने के मकसद से उस क्षेत्र में दिखा था, ताइवान से गतिरोध के समय भी चीन ने उनकी खुफ़िआ जानकारी जुटाने क लिए बहुत सी टेक्नोलॉजी का प्रयोग किया था

भारत पर भी है चीन की नजर !

भारत से डोकलाम विवाद और भारत की बढ़ती हुई टेक्नोलॉजी से चीन बौखलाया हुआ है, अरुणाचल प्रदेश पर भी आये दिन अपने भड़काऊ बयान देता रहता है चीन, भारत की बढ़ती हुई स्पेस टेक्नोलॉजी भी चीन को पच नहीं रही है जिसमे सेंध लगाने के लिए हाल ही के दिनों में चीन के हैकरों द्वारा इसरो (ISRO) के सॉफ्टवर्स में सेंध लगाने की साजिश की गई लेकिन इसरो के वैज्ञानिकों ने उनकी इस कोसिस को नाकाम कर दिया था

My Lost Story

नार्थ ईस्ट में भारत द्वारा तैनात किया गया सैन्य बल हो सकता हे मुख्य वजह!

आये दिन चीन और भारत के रिश्तों में आती हुई खटाश और चीन को खतरा मानते हुए भारत द्वारा अपनी सेना को नार्थ ईस्ट में शश्क्त बनाने के लिए जो कदम उठाये गये है, चाहे वो अत्याधुनिक हथियारों का प्रयोग और इंडियन एयरफोर्स द्वारा अपने बेस्ट फाइटर जेट्स (राफेल) की तैनाती, इन सब चीज़ों से चीन बौखलाया हुआ है जिसकी वजह से वो ये हथकंडे अपना रहा है और भारत की सेना की खुफ़िआ जानकारी जुटा रहा जिसे वो किसी भी तनाव के समय में भारत को कमजोर कर सके, रिपोर्ट्स के मुताबिक हाल ही में चीन ने म्यांमार के ग्रेट कोको आइलैंड पर अपना नेवी बेस बनाने के लिए तेजी से बहुत सारी बिल्डिंग्स और रनवे तैयार किये जिसका सीधा सा उद्देस्य हिन्द महासागर में अपनी पैठ बढ़ाने और भारत को चुनौती देना है

चीन वैश्विक सुरक्षा के लिए है चुनौती !

अपनी जासूसी गतिविधियों के कारण चीन वैश्विक सुरक्षा के लिए आये दिन एक कड़ी चुनौती बनता जा रहा है, चाहे वो अमेरिका हो ताइवान हो या भारत चीन अपनी विस्तारवादी नीति को आगे बढ़ाने के आगे किसी और देश पर भी ऐसे हथकंडों का प्रयोग कर सकता है, आने वाले समय में चीन विश्व के लिए एक नयी समस्या बन सकता है, विश्व को सोचना चाहिए की चीन केवल भारत और केवल कुछ देशों के लिए समस्या नहीं अपितु विश्व सुरक्षा के लिए एक खतरा है

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