Chaalak Bandar चालाक बंदर की चतुराई

Mohit

चतुर बंदर

chaalak bandar

एक जंगल में एक बड़ा सा बंदर रहता था। वह बंदर बहुत चतुर था और जंगल के अन्य जानवर उसे इसकी चतुराई के लिए जानते थे। वह हमेशा नए-नए खेल ढूंढ़ता रहता था।

एक दिन, उसे खेलने का मन हुआ और वह चिड़ियों के पास जा बैठा। चिड़ियां उड़ने में मज़ा आता था। बंदर ने सोचा, “मुझे तो उड़ने की कोई सुविधा नहीं है, लेकिन मैं कुछ ऐसा करूंगा जो सबको हंसा देगा।”

उसने बहुत सोचा और तभी उसे एक उपाय आया। उसने चिड़ियों के पास जाकर कहा, “आप सभी को उड़ते देखकर बहुत खुशी होती है, पर क्या आपको पता है कि आपके पंख के नीचे कुछ ऐसा लिखा होता है जो लोग देखकर बहुत हंसते हैं।”

चिड़ियों ने उसके पंख की ओर देखा और बहुत हंस दिया। वे सोचने लगे कि शायद उसे एक अद्भुत शक्ति मिल गई है जो उड़ने की कला को जन्म दे सकती है।

बंदर ने चिड़ियों को कहा, “यह सीखने के लिए बहुत मुश्किल है, लेकिन अगर तुम सभी मेरे पास आओगे, तो मैं तुम्हें उड़ने की कला सिखा सकता हूं।”

चिड़ियां बहुत उत्साहित हो गईं और उसे उड़ाने की कला सीखने के लिए बंदर के पास गईं। बंदर ने चिड़ियों को बताया कि उड़ाने के लिए उन्हें अपने आप को उठाना होगा और फिर आसमान में तैरना होगा।

चिड़ियां बंदर की बातों को ध्यान से सुन रही थीं और उठ उठ कर उड़ने की कोशिश करने लगीं। लेकिन उन्हें उड़ाने की कला नहीं आ रही थी। उन्होंने बंदर से पूछा, “हमें कैसे उड़ाने की कला सीखें?”

बंदर ने मुस्कराते हुए कहा, “मैंने तुम्हें धोखा दिया है। मुझे उड़ाने की कला नहीं आती है। मैंने तुम्हें सिर्फ मज़ाक के लिए धोखा दिया।”

चिड़ियां बहुत नाराज़ हो गईं और बंदर की पुलिस में शिकायत करने जा रही थीं। परंतु उस समय उन्हें याद आया कि बंदर की चतुराई के बारे में सबको पता हो गया होगा और जब वे इसे सुनें

Leave a Comment

Scroll to Top